Tuesday, August 7, 2018

What is Torrent ? | टोरेंट क्या है ? | किसने बनाया और क्यों बनाया ?

WHAT IS TORRENT? टोरेंट है क्या चलये जाते है 


technical NEWS

BitTorrent Was developed by Bram cohen in July 2, 2001 Where Torrentz Was in July 15, 2003 and The most important and used torrent application µTorrent was developed by B ittorrent in Sep 18, 2015.


टोरेंट" है क्या ? आज के युग में टोरेंट एक जाना माना शब्द लेकिन टोरेंट होता क्या है ये बहुत कम कोई ही जनता है तो चलये जानते है टोरेंट क्या है ?   और  कैसे  काम  करता  है ?
क्या आप को पता है की टोरेंट यूज़ करना इंडिया में अप्राद है और इसे आप को जेल भी हो सकता है
टोरेंट का हिंदी अर्थ है ,"तेज धारा" बौछार", जो लोग कंप्यूटरऔर इंटरनेट  पर big files को डाउनलोड करते रहते हैं वो टोरेंट का नाम बहुत अच्छे से जानते होंगे ! इन्टरनेट से फ्री बॉलीवुड मूवीज, फ्री हॉलीवुड मूवीज, गेम्स, सॉफ्टवेयर और भी  बड़े बड़े फाइल को आप आसानी से डाउनलोड करने के लिए सबसे ज़यादा टोरेंट का इस्तेमाल होता है ! टोरेंट एक छोटी सी फाइल  होती है, जिसमे डाउनलोड की जाने वाली फाइल के बारे में पूरी जानकारी  होती है ये फाइल किसी भी टोरेंट सर्च इंजन  से ले सकते है इसके बाद इस फाइल को पूरा डाउनलोड करने के लिए आपको U Torrent,BitTorrent, client की मदत से आप फाइल को पूरा डाउनलोड कर सकते है
लेकिन कभी आप ने ये सोचा है की ये टोरेंट आखिर है क्या ? मुझे लगता है की बहुत सारे लोग ऐसे होंगे जिन्हों नहीं पता होगा की "टोरेंट क्या होता है ? आज मै आप को इस पोस्ट के माध्यम  से समझाने की कोशिश करूँगा की टोरेंट  किसे कहते हैं ?

टोरेंट(TORRENT) कैसे काम करता है ?


जब आप इन्टरनेट से किसी फाइल को अपने कंप्यूटर में डाउनलोड करते हैं तो वो फाइल किसी और कंप्यूटर सर्वर पर  अपलोड  रहती है जिसको आप इन्टरनेट के मदद से अपने कंप्यूटर में डाउनलोड करते हैं ! लेकिन टोरेंट डाउनलोड में ऐसा नहीं होता है ! टोरेंट  फाइल किसी कंप्यूटर सर्वर पर अपलोड  नहीं रहती है, बल्कि टोरेंट फाइल एक कंप्यूटर से दुसरे कंप्यूटर में डाउनलोड होती है, अगर आप कभी टोरेंट यूज़ किया होगा तो  आप कभी भी टोरेंट से कोइ भी फाइल डाउनलोड करते है तो साथ में अपलोड भी होता है यानी जब आप किसी टोरेंट फाइल को डाउनलोड करते हैं तो वो किसी और कंप्यूटर से आप के कंप्यूटर में डाउनलोड होता है!
कंप्यूटर सर्वर पर अपलोड किसी फाइल को जब डाउनलोड किया जाता है तो डाउनलोड स्पीड इन्टरनेट के स्पीड पर निर्भर होता है ,यानी इन्टरनेट की  स्पीड जितनी ज़यादा होगी डाउनलोड स्पीड भी उतनी ही ज़यादा होगी ! लेकिन टोरेंट फाइल की डाउनलोड स्पीड इन्टरनेट के  स्पीड पर निर्भर नहीं होता है, यानी इन्टरनेट की स्पीड  अधिक है तो टोरेंट फाइल की डाउनलोड स्पीड बहुत कम भी हो सकती है! टोरेंट से डाउनलोड की स्पीड  ,टोरेंट  के स्पीड पर निर्भर करता है !


torrent history


टोरेंट(TORRENT) में SEEDER OR PEER किसे कहते हैं ?


Seeder का  अर्थ होता है "बिज बोने वाला", वो लोग जो टोरेंट फाइल को टोरेंट साईट पर अपलोड  करते हैं या शेयर करते हैं ,ऐसे लोग seeder कहलाते हैं ! किसी टोरेंट के जितने ज़यादा seeder होंगें और उनके इन्टरनेट की स्पीड  जितनी अच्छी होगी ,फाइल डाउनलोड होने की स्पीड भी उतनी ही अच्छी होगी!
Peer का अर्थ होता है " सहकर्मी " और ये उन लोगों को कहा जाता है जो टोरेंट फाइल को डाउनलोड भी करते हैं और नई फाइल टोरेंट साईट पर अपलोड या शेयर भी करते हैं !
Leecher का  अर्थ " जोंक " होता है! इस टोरेंट सिस्टम में एक और तरह के लोग होते हैं जो टोरेंट फाइल को सिर्फ डाउनलोड करते हैं ! वो कभी किसी तरह की फाइल टोरेंट पर अपलोड  या शेयर नहीं करते हैं और ऐसे लोगों को "Leecher" कहा जाता है!

NOTE :- मैं आपको recommend नही करुगा की आप टोरेंट का इस्तेमाल करे बिना टोरेंट के भी इन्टरनेट का इस्तेमाल किया जाता हैं | बाकी  आप की मर्जी  DesiTechnical


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