Monday, August 6, 2018

The History of Facebook That Really Nobody Knows

History Of Facebook

Facebook इंटरनेट पर स्थित एक निःशुल्क सामाजिक नेटवर्किंग सेवा है,  जंहा आप अपने नए फ्रेंड्स बना सकते है उन्हें मेसेज ,कॉल कर सकते है .अपनी फोटो विडियो भी शेयर कर सकते है जिसके माध्यम से इसके सदस्य अपने मित्रों, परिवार और परिचितों के साथ संपर्क रख सकते हैं। Facebook बहुत  काम की चीज है  चालिए जानते है Facebook किसने बनय कयु बनय कब बनाया l


  •        Type  :-           Private Company
  •        Founded  :-    Cambridge, Massachusetts, United States      
  •        Founder  :-     Mark Zuckerberg Eduardo Savverin Dustin Moskovitz Chris Hughes
  •        Headquarters :-  Palo Alto, California Dublin,           
  •        Ran on :-             4th February 2004                      

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HISTORY OF FACEBOOK


Facebook को February 4, 2004 को लांच किया गया था. Mark Zuckerberg ने Social Networking Site Facebook को बनाया था. शुरू से ही  Mark Zuckerberg को प्रोग्रामिंग में दिलचस्पी थी और इस बारे में अच्छी जानकारी भी थी. छोटी उम्र में ही Mark Zuckerberg ने  Atari BASIC का प्रयोग कर के एक messaging (सन्देश भेजने का)प्रोग्राम बनाया था. Mark Zuckerberg के पिता एक दन्त चिकित्सक थे और इसका प्रयोग वो अपने कार्यालय में किया करते थे. इस प्रोग्राम का नाम Zucknet प्रोग्राम रखा गया और Mark Zuckerberg का पूरा परिवार घर में इस प्रोग्राम के माध्यम से बातचीत किया करता था. उसके बाद Mark Zuckerberg ने अपने दोस्त के साथ एक कंप्यूटर गेम भी बनाया और एक स्मार्ट MP3 प्लेयर भी बनाया, इसी दिलचस्पी के चलते Mark Zuckerberg ने कई और सॉफ्टवेर भी बनाये. Mark Zuckerberg ने Social Networking Website Facebook को अपने Collage Hostel में ही बनाया था और आज इसे सबसे ज्यादा लोग प्रयोग करते हैं. Facebook की बायोग्राफी पर एक फिल्म “The Social Network” भी बनाई गयी हैं.

the Facebook

Social Networking Site बनाने का पहला विचार दिव्य नरेन्द्र का था जो Mark Zuckerberg के पास इस विचार के साथ आये थे और उन्होंने Mark Zuckerberg पर इस विचार पर काम करने के लिए कहा था. दिव्य नरेन्द्र ट्विन्स टाइलर और कैमरों विन्क्लेवोस के पार्टनर थे. दिव्य नरेन्द्र ने अपने विचार के अनुसार बनने वाली Site का नाम “Harvard Connection” रखने के बारे में सोचा था. नरेंद्र और विंकलेवोस के साथ विचार करने के बाद Mark Zuckerberg ने उनके प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए हामी भर दी थी पर इसी Site पर काम करते हुए Mark Zuckerberg ने अपने निश्चय को बदल दिया क्योंकि Mark Zuckerberg के दिमाग में एक Social साईट बनाने का बेहतरीन विचार आया और उन्होंने “हार्वर्ड कनेक्शन” पर काम करने का फैसला बदलने के बारे में सोचा और वैसी ही अपनी Site बनाने के बारे में निश्चय कर लिया. इसी के साथ उन्होंने फ़रवरी 2004 thefacebook.com के नाम से एक domain नाम रजिस्टर कर लिया था. हालाँकि बाद में दिव्य ने Mark Zuckerberg पर उनका आईडिया चुरा कर Site बनाने का दावा भी किया था पर आज दिव्य नरेन्द्र Facebook में 0.022 प्रतिशत के मालिक हैं.

“Harvard Connection” का काम छोड़ने के बाद Mark Zuckerberg ने thefacebook.com पर काम अपने दोस्त Eduardo Saverin के साथ शुरू कर दिया और इस प्रोजेक्ट में भी Mark Zuckerberg के दोस्त Eduardo Saverin ने ही सारा निवेश किया था हालाँकि बाद में इसे facebook.com के नाम से जाना जाने लगा. जब Facebook पर ट्रैफिक आने लगा तो Mark और Eduardo ने कुछ और Programmers की मदद ली ताकि यह Site ओर भी बेहतर तरीके से काम कर सके. जैसे ही Facebook पर 250 Millions से ज्यादा Users बढ़ने शुरू हुए तब से Mark zuckerberg billionaire बन गये और अब तक Mark Zuckerberg के 503.6 million शेयर थे. अब Mark Zuckerberg कंपनी के वोट का लगभग 60% खुद नियंत्रित करता है, 35% Eduardo Saverin, और 5% Facebook के बाकी के नए पार्टनर.


2005 से Facebook को USA के सभी संस्थानों और विश्वविद्यालयों में उपयोग करने योग्य बनाया गया पर Mark Zuckerberg का यही मानना था की उन्होंने Facebook को विद्यार्थियों के लिए बनाया हैं.

2007 में Facebook के 100,000 बिज़नेस पेज थे जो कंपनियों ने उपभोक्ताओं को लुभाने औऱ उन्हें अपने औऱ अपनी सेवाओं के बारे में बताने के लिए बनाये थे इन्हें एक स्नेह ग्रुप के रूप में शुरू किया गया था पर उसके बारे इसे नए विचारो के साथ शुरू किया गया.

2008 में Facebook ने यह घोषणा की कि वो डबलिन, आयरलैंड ने अपना एक औऱ अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय खोल रहे हैं.

2010 में Facebook ने इसे प्रयोग करने वालो को यह मौका दिया कि अगर उनमें से कोई बीटा टेस्टर बन कर कुछ सवालों का जवाब देगा या उनके द्वारा Facebook Engineering Puzzles को हल करेगा तो Facebook उसे उनके साथ काम करने का मौका दे सकती हैं.

2011 के एक सर्वे से पता चला कि Facebook को मोबाइल फ़ोन के माध्यम से चलने वाले लोगों कि संख्या 350 Million से ज्यादा हैं.

2014 में फेसबुक ने Whatsapp को 19 billion $ में ख़रीद लिया ये अबतक की सबसे महेंगी Deal थी.

Facebook को बनाना जितने मुश्किल था, उससे भी मुश्किल था लोगों को इसके बारे में बताना और इसे प्रमोट करना ताकि अधिक से अधिक लोग इसका प्रयोग करें क्योंकि उस समय जो लोग इन्टरनेट का प्रयोग करते थे वो इस पर Social Networking Site “ऑरकुट” का प्रयोग करते थे पर ऑरकुट में कुछ खामिया थी और इन्हीं खामियों को ध्यान में रखते हुए Mark Zuckerberg ने इसमें नए फीचर्स डाले ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका प्रयोग करें. उन्होंने इसमें timeline का फीचर डाला और विडियो शेयर करने का भी ओर कुछ ही समय में Facebook ने ऑरकुट को पीछे छोड़ दिया औऱ Facebook को लोग अधिक प्रयोग में लाने लगे. लोगों को इसके फीचर्स पसंद आने लगे और Facebook लोकप्रिय होने लगी. जल्द की Facebook में ट्रैफिक बढ़ने लगा और जब इसका ट्रैफिक 50 मिलियंस हुआ तो एक बहुत बड़ी कंपनी Yahoo! ने Mark Zuckerberg से इसे खरीदने की पेशकश की और उसके लिए 900 मिलियंस डॉलर देने के लिए कहा पर Mark Zuckerberg ने इस पेशकश से मना कर दिया और Facebook को नहीं बेचा. Facebook को बनाते हुए जिस अन्य लोगों ने Mark Zuckerberg की सहायता की उनके नाम इस तरह से हैं : Eduardo saverin, Andrew mccollum, Dustin Moskovitz औऱ Chris Hughes.

August 22, 2006 में फेसबुक ने नोट्स का आप्शन लगाया
September 6, 2006 में News Feed का फीचर लगाया गया जिस से दुसरे यूजर की शेयर फोटो स्टेटस आपको होमेपेज पर दिख जाते है .
pril 6, 2008 में फेसबुक चैट का फीचर आया जिस से यूजर Instant Messaging कर सकते थे .
july 20, 2008 में फेसबुक Beta Version लांच हुआ जिसमे फेसबुक का डिजाईन बदला गया .Mini-Feed लगायी गयी . फेसबुक ने इस डिजाईन को इस्तेमाल करने के लिए  यूजर को Choice दे रखी थी अगर यूजर नया Version इस्तेमाल करना चाहता है तो वो नया Version का इस्तेमाल कर सकते है ..  लेकिन September 2008 के बाद सभी यूजर को New Version दिया गया .
June 13, 2009  में फेसबुक ने Usernames का फीचर लगाया जिसकी मदद से आप अपनी ID को एक Simple Username से खोल सकते है जैसे हमारे पेज का यूजरनाम  ये है  “Fb.Com/Khojavishkar”
April 21, 2010 में फेसबुक Like का बटन लगाया गया .
July 6, 2011 में Skye के साथ मिलकर फेसबुक ने लाइव कॉल का फीचर लगाया .


Facebook

        आप के लिए कुछ जानकारी देखे और जाने 


  •                 May 2014 में जिस देश के यूजर सबसे ज्यादा थे
  •                 United States =  151.8 Million
  •                 India = 108.9 Million
  •                 Brazil = 70.5 Million
  •                 Indonesia = 60.3 Million
  •                 Mexico = 44.4 Million


                       Facebook  के बारे में रोचक तथ्य


फेसबुक को आप अलग अलग 70 भाषाओ में इस्तेमाल कर सकते है
फेसबुक के नीले रंग में रंगे होने के पीछे सीधा-सा कारण है। इसके फाउंडर मार्क जुकरबर्ग का कलर ब्लाइंड होना। उन्हें हरे और लाल रंग में अंतर पता नही लगता।
फेसबुक पर अगर आप किसी से तंग आये है या आपको कोई परेशान करता है तो उसे आप ब्लाक कर सकते है लेकिन आप फेसबुक के मालिक को ब्लाक नहीं कर सकते .
मार्क ने Facebook के ‘लाइक’ (Like) बटन का नाम पहले ‘ऑसम’ (Awesome) रखने का डिसीजन लिया गया था। लेकिन मार्क की किसी ने एक न सुनी।
Facebook पर कई फीचर्स की तरह एक Poke भी है। लेकिन अगर आप किसी से इसका मतलब पूछेंगे तो शायद ही कोई इसका मतलब बता पाए। क्योंकि खुद फेसबुक ने भी इसका कोई मतलब या इसका काम तय नहीं किया है। लेकिन इसका ज्यादा प्रयोग करने पर आप ब्लाॅक हो सकते है।
अगर Facebook का Server Down हो जाए तो इसे हर मिनट 25 हजार डॉलर का नुकसान होगा।
Facebook हर महीने 3 करोड़ डॉलर सिर्फ Hosting पर ही खर्च करता है
2009 में Whatsapp के को-फाउंडर ब्रायन ऐक्टन को Facebook ने जॉब देने से मना कर दिया था।
शायद आपको ना पता हो, लेकिन Facebook ग्लोब (नोटिफिकेशन टैब) यूजर्स की लोकेशन के हिसाब से बदल जाती है।फेसबुक प्रोफाइल पर मार्क जुकरबर्ग के पेज तक पहुंचने का एक खास शॉर्टकट भी है।
इस वक़्त Facebook पर 30 मिलियन मरे हुए लोग है


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